Wheat Price : बता दे की देशभर में चावल के बाद गेहूं की फसल की खेती सबसे अधिक होती है। गेहूं की फसल मार्च महीने के आखरी और अप्रैल महीने की शुरुआती में पककर तैयार हो जाता है। केंद्र सरकार की तरफ से और राज्य सरकार की तरफ से किसानों को लाभ प्रदान करने के लिए गेहूं की खरीदारी सरकारी दम पर प्रत्येक साल इजाफा करते हैं। सरकार ने इस बार गेहूं के दाम में बंपर बढ़ोतरी करते हुए किसानों को तोहफा दिए हैं, आईए जानते हैं गेहूं के एमएसपी (Wheat MSP Price) रेट में कितनी बढ़ोतरी हुई है।
Wheat Price MSP
बता दे कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा गेहूं की खेती होती है। गेहूं की फसल रबी की फसलों में आती है। गेहूं की फसल सितंबर और अक्टूबर महीने में उगाया जाता है। बता दे की 6 महीने के बाद मार्च और अप्रैल में गेहूं की फसल की कटाई होती है। गेहूं की फसल की खरीद सरकारी एवं प्राइवेट आढ़ती दोनों करते हैं।
सरकार की तरफ से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होते ही गेहूं की फसल की खरीद शुरू कर दिया जाता है। सरकार किसानों की फसल को खरीदने के लिए Wheat MSP Rate निर्धारित करती है। सरकार ने इस बार गेहूं की एमएसपी में बढ़ोतरी करते हुए बढ़िया सौगात देने का काम किए हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य में हुई बढ़ोतरी
उत्तर भारत में गेहूं का उत्पादन करने वाला दो सबसे बड़ा राज्य हरियाणा में गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। राज्य भर में किसानों को बड़ी सौगात देते हुए हरियाणा सरकार गेहूं की एमएसपी में बढ़ोतरी का लाभ किसानों को प्रदान किए हैं। सरकार ने किसानों को इस बार एमएसपी 2275 रुपए थी। अब ₹150 की बढ़ोतरी के साथ हरियाणा में गेहूं की MSP 2425 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
Wheat Price : मंडी में कम हो गए हैं गेहूं के दाम
बता दे कि किसानों के गेहूं की फसल की खरीद सरकार के अलावा प्राइवेट आढ़ती भी बंजारों के दम पर करते हैं। गेहूं की फसल आने के समय राज्य भर के प्रमुख बाजारों में गेहूं की कीमत भी कम हो जाती है। फसल के पैसे ज्यादा जल्दी लेने के लिए किस प्राइवेट आढ़तियों को भी गेहूं की फसल बेचते हैं। ऐसी स्थिति में किसानों का रुझान अपना गेहूं मंडी में लाकर बेचने की तरफ बढ़ रहा है।
इस जिला में हुआ बंपर पैदावार
इस साल से गेहूं की फसल राज्य भर में काफी अच्छी हुई है। गुरुग्राम जिले में इस साल गेहूं की फसल की पैदावार 18 से 19 लाख क्विंटल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गुरुग्राम जिले में पिछले साल केवल 4.70 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। इस साल बारिश और ठंड ज्यादा होने के कारण गेहूं की फसल की बंपर पैदावार हुई है। फसल की आवक के लिए मंडी ने भी पूरी तैयारी कर लिया है। सरकारी खरीद के लिए सरकार ने जिले में पांच मंडी पटौदी, और सोहना, गुरुग्राम और खोड़ तय की है।
मेरी फसल मेरा बोरा पर पंजीकरण है जरूरी
हरियाणा सरकार की तरफ से राज्य के किसानों को सरकारी MSP का लाभ देने के लिए मेरी फसल मेरी ब्यूरो वेबसाइट पर पंजीकरण करना ही होगा। इस बार गुरुग्राम जिले के किसानों ने सरकारी MSP का लाभ लेने के लिए 46,600 एकड़ का पंजीकरण किया है।
गेहूं के पिछले 2 साल में मंडियों में आवक
मंडी | 2024 में आवक (क्विंटल में) | 2023 में आवक (क्विंटल में) |
फरुखनगर | 117606 | 87059 |
पटौदी | 329014 | 216965 |
सोहना | 37914 | 24821 |
सरसों की 31 मार्च तक मंडियों में आवक
मंडी | सरकारी खरीद (क्विंटल में) | प्राइवेट खरीद (क्विंटल में) |
फरुखनगर | 14307 | 5697 |
सोहना | 18221 | 6261 |
पटौदी | 76601 | 3223 |